December 8, 2025

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अमेरिका ने भारत पर लगाया अतिरिक्त 25% टैरिफ, रूस से तेल खरीदी को लेकर तनाव

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अमेरिका ने भारत से आयातित माल पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया है, जो भारत की रूस से तेल खरीद को लेकर उठाया गया कदम है। यह निर्णय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 25 अगस्त 2025 को हस्ताक्षरित एक कार्यकारी आदेश के तहत लिया गया है। अमेरिका का तर्क है कि भारत की रूसी तेल खरीद रूस को यूक्रेन युद्ध में आर्थिक सहायता प्रदान करती है, जिसे रोकना आवश्यक है।

घटना का विवरण

अमेरिका ने यह टैरिफ इसलिए लगाया है ताकि रूस को तेल की खरीद से वित्तीय सहायता देने वाली गतिविधियों को रोका जा सके। इस आदेश के तहत कई वस्तुओं पर 25 प्रतिशत की अतिरिक्त शुल्क दर लागू होगी।

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जुड़े पक्ष

  • अमेरिकी पक्ष: राष्ट्रपति कार्यालय, वाणिज्य विभाग, वित्त मंत्रालय
  • भारतीय पक्ष: वाणिज्य मंत्रालय, विदेश मंत्रालय
  • अतिरिक्त: अमेरिकी और भारतीय उद्योग संगठन, अंतरराष्ट्रीय आर्थिक विश्लेषक

आधिकारिक बयान और प्रतिक्रिया

अमेरिका ने इसे रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाने और यूक्रेन संघर्ष को रोकने का प्रयास बताया है। भारत सरकार ने इस निर्णय को व्यापारिक संबंधों के लिए हानिकारक करार दिया है और अपने ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक आवश्यकताओं को लेकर तेल खरीद की नीति पर जोर दिया है।

आर्थिक आँकड़े और प्रभाव

  1. अमेरिकी वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, अमेरिका जाने वाले भारतीय माल के मूल्य में लगभग 15 प्रतिशत कमी संभावित है।
  2. भारत ने 2025 की पहली छमाही में रूस से तेल आयात में लगभग 30 प्रतिशत वृद्धि देखी है।
  3. भारत के निर्यात में लगभग 7 प्रतिशत हिस्सा केवल अमेरिकी बाजार का है।

तत्काल प्रभाव में भारतीय निर्यातकों की प्रतिस्पर्धात्मकता प्रभावित हुई है, कच्चे माल की लागत बढ़ी है, और अमेरिकी बाजार में मांग में कमी आई है।

प्रतिक्रियाएँ

भारत सरकार ने इस कदम को निराशाजनक बताया है और बातचीत से समाधान की अपील की है। विपक्षी दलों और विशेषज्ञों ने भी इस निर्णय के संभावित नकारात्मक प्रभावों पर चिंता जताई है। उद्योग संगठन इसे व्यापार के लिए बाधा मानते हैं और आम जनता में भी चिंता व्याप्त है।

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आगे की संभावनाएँ

भारत और अमेरिका के बीच उच्च स्तरीय वार्ता की संभावना है और आगामी सप्ताहों में व्यापार प्रतिनिधिमंडल की बैठकें होने की उम्मीद है। साथ ही, भारत अपनी रूसी तेल खरीद नीति पर पुनर्विचार कर सकता है ताकि आर्थिक हितों को संतुलित किया जा सके।

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