भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से पाकिस्तान को एक सशक्त संदेश दिया है, जिसे वह दशकों तक नहीं भूल पाएगा। लाइन ऑफ कंट्रोल के अखनूर सेक्टर में यह मिशन-आधारित स्ट्राइक आतंकियों के ठिकानों और घुसपैठ के रास्तों को नष्ट करने के लिए आयोजित की गई थी। जवानों ने बताया कि वे गोली चलाते थे, लेकिन धमाका उन्होंने किया, जिसका परिणाम पाकिस्तान की चौकियों के पूर्ण रूप से तबाह हो जाने और वहाँ के मनोबल के चकनाचूर होने के रूप में सामने आया।
ऑपरेशन सिंदूर की प्रमुख बातें
- भारतीय सैनिकों ने पाकिस्तान की भारी तोपखाने की आग के बावजूद कोई जनहानि नहीं होने की पुष्टि की।
- आतंकियों का समर्थन करने वाली चौकियों को निशाना बनाकर उन्हें जड़ से खत्म कर दिया गया।
- जब पाकिस्तान ने नागरिक इलाकों को निशाना बनाया, तब भी भारतीय सेना ने सटीक और समय पर जवाब दिया।
सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने ऑपरेशन में शामिल सैनिकों को बधाई दी और एयरफोर्स तथा बीएसएफ के साथ मिलकर इस कार्रवाई की समीक्षा की। यह ऑपरेशन 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद शुरू हुआ था, जिसमें 26 पर्यटकों की हत्या हुई थी। इसके बाद 7 मई को भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकियों के ठिकानों पर एयरस्ट्राइक कर 100 आतंकियों को मार गिराया था।
भविष्य के लिए संदेश
भारतीय सेना का मानना है कि यह कार्रवाई पाकिस्तान को किसी भी गलत कदम से पहले सौ बार सोचने पर मजबूर कर देगी।
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