केंद्रीय कृषि मंत्री ने संसद के मॉनसून सत्र में देश की नई कृषि नीति पर विस्तार से जानकारी दी है। यह नीति छोटे और सीमांत किसानों को सशक्त बनाने और कृषि उत्पादन को बढ़ाने के लिए बनाई गई है।
घटना क्या है?
कृषि मंत्रालय ने नई कृषि नीति संसद में पेश की है, जिसमें निम्नलिखित प्रमुख बिंदु शामिल हैं:
- किसानों के लिए विभिन्न वित्तीय योजनाएँ।
- तकनीकी सहायता प्रदान करना।
- बीज सुरक्षा पर जोर देना।
यह नीति 2024 से 2027 तक लागू रहेगी और इसका बजट ₹20,000 करोड़ निर्धारित किया गया है। Policy का मुख्य आधार जैविक खेती, जल संरक्षण, और फ़सल विविधीकरण है।
कौन-कौन जुड़े?
मुख्य पक्ष:
- कृषि मंत्रालय
- राज्य सरकारें
- किसान संगठन
नीति निर्माण में सभी राज्य कृषि विभागों और कॉर्पोरेट कृषि विशेषज्ञों की सलाह भी शामिल है। विपक्ष ने कुछ मुद्दों पर आपत्तियाँ जताई हैं, परंतु व्यापक समर्थन प्राप्त हुआ है।
प्रतिक्रियाएँ
- सरकार ने कहा है कि नई नीति से कृषि क्षेत्र में तकनीकी नवाचार संभव होंगे और किसानों की आय में 30% तक वृद्धि की उम्मीद है।
- विपक्ष ने बजट की अपर्याप्तता को लेकर चिंता जताई है।
- उद्योग विशेषज्ञ नीति के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दे रहे हैं।
- कई किसान संगठनों ने इस नीति का स्वागत किया और इसे सही दिशा में कदम बताया है।
आगे क्या?
अगले महीने कृषि मंत्रालय राज्यों के साथ विस्तृत कार्य योजना बनाएगा। 15 अगस्त 2024 तक नीति के तहत पहली सफलता रिपोर्ट तैयार की जाएगी। सरकार किसानों को नियमित जानकारी और प्रशिक्षण कार्यक्रम भी उपलब्ध कराएगी।
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