गगनयान मिशन की तैयारी के बीच, शुभांषु शुक्ला ने हाल ही में अपनी अंतरिक्ष यात्रा के अनुभव पर NDTV से बातचीत की। इस यात्रा ने उनके सोचने के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है।
अंतरिक्ष यात्रा का प्रभाव
शुभांषु शुक्ला ने बताया कि अंतरिक्ष की दिव्यता और विशालता ने उन्हें जीवन को अलग नजरिए से देखने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि जब आप पृथ्वी को ऊपर से देखते हैं, तो सभी सीमाएं और भेद दूर हो जाते हैं, जिससे मानवता की एकता का एहसास होता है।
गगनयान मिशन के लिए उत्साह
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि गगनयान मिशन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है जो देश को अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में अग्रणी बनाएगा। शुभांषु ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि वे इस मिशन के लिए पूरी तरह से तैयार हैं और इसे सफलता पूर्वक पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
भविष्य की आशाएं
इस यात्रा ने शुभांषु को न केवल व्यक्तिगत रूप से बल्कि वैज्ञानिक रूप से भी प्रेरित किया है। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष यात्रा से प्राप्त ज्ञान और अनुभव शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नई क्रांतियां लाने में सहायता करेंगे। वे उम्मीद करते हैं कि भारत की युवा पीढ़ी भी इस क्षेत्र में अग्रसर होकर देश का नाम रोशन करेगी।
शुभांषु के मुखर विचार
- अंतरिक्ष की विशालता ने मानव जीवन की छोटी-छोटी समस्याओं को महत्वहीन बना दिया।
- गगनयान मिशन भारत की अंतरिक्ष क्षमता को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करेगा।
- वैज्ञानिक शोध और नवाचार के लिए यह एक प्रेरक मंच होगा।
- युवा पीढ़ी के लिए अंतरिक्ष विज्ञान में करियर के नए अवसर खुलेंगे।
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