गणेश चतुर्थी 2024 के अवसर पर बॉलीवुड अभिनेता रितेश देशमुख का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उनके बच्चे मिट्टी से बने पर्यावरण-हितैषी गणेश मूर्ति का निर्माण करते दिख रहे हैं। यह वीडियो पर्यावरण संरक्षण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का एक अभिनव प्रयास है।
घटना क्या है?
गणेश चतुर्थी को बड़े उत्साह से मनाया जाता है, लेकिन पारंपरिक प्लास्टिक और पॉलीस्टर की मूर्तियों के कारण जल प्रदूषण की समस्या होती है। इस वर्ष रितेश देशमुख का वीडियो सामने आया है, जिसमें पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देते हुए मिट्टी से गणेशजी की मूर्ति बनाई जा रही है।
कौन-कौन जुड़े?
- रितेश देशमुख और उनके बच्चे
- सामाजिक संगठन
- राज्य सरकार और स्थानीय निकाय
आधिकारिक बयान
पर्यावरण मंत्रालय ने इस पहल की प्रशंसा की है और नागरिकों से अपील की है कि वे इस साल पारंपरिक प्लास्टिक मूर्तियों के बजाय मिट्टी, कागज या अन्य प्राकृतिक सामग्री की मूर्तियां स्थापित करें। मंत्रालय ने कहा कि इसका उद्देश्य त्योहारों में प्रदूषण को कम करना है।
पुष्टि-शुदा आँकड़े
- मिट्टी की मूर्तियों के उपयोग से जल प्रदूषण में लगभग 30% कमी संभव है।
- पिछले वर्ष प्लास्टिक मूर्तियों का उपयोग लगभग 65% था।
- इस वर्ष इस उपयोग को 40% तक घटाने का लक्ष्य रखा गया है।
तत्काल प्रभाव
यह पहल पर्यावरण सुधार के साथ स्थानीय कुम्हारों और कारीगरों को रोजगार अवसर प्रदान कर रही है। युवाओं में भी पर्यावरण संरक्षण की जागरूकता बढ़ी है।
प्रतिक्रियाएँ
सरकार की इस पहल को विपक्ष और विभिन्न राजनीतिक दलों का समर्थन प्राप्त है। विशेषज्ञों ने इसे दीर्घकालीन पर्यावरण सुधार के लिए आवश्यक कदम माना है। किसानों और ग्रामीण संगठनों ने भी स्थानीय कुम्हारों को प्रोत्साहन देने के लिए इस पहल का स्वागत किया है।
आगे क्या?
- सरकार पर्यावरण-हितैषी मूर्ति निर्माण को बढ़ावा देगी।
- नई तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा।
- स्कूल और कॉलेजों में पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
- गणेशोत्सव के बाद समीक्षा बैठक कर आगामी योजनाएं बनाई जाएंगी।
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