असम के उप मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने स्पष्ट किया है कि गैर-मुस्लिमों के खिलाफ विदेशी न्यायाधिकरण मामलों को छोड़ने का कोई अंतिम निर्णय अभी नहीं लिया गया है।
उन्होंने यह भी बताया कि:
- राज्य सरकार ने कोच राजबोंगशी और गोर्खा समुदायों के खिलाफ मामलों को वापस लेने की अनुमति दी है।
- यह फैसला इन विशेष समुदायों की स्थिति को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
- अन्य समुदायों के मामलों के संबंध में फिलहाल कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
हिमंता सरमा ने यह भी कहा कि सरकार इस मुद्दे पर संवेदनशीलता और न्याय की दृष्टि से कार्य कर रही है। इन मामलों की समीक्षा के बाद ही आगे की प्रक्रिया निर्धारित की जाएगी।
असम में विदेशी नागरिक मामलों को लेकर पूर्व में कई विवाद हो चुके हैं, और सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि सभी पक्षों के हितों का संतुलित ध्यान रखा जाए।
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