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ट्रंप प्रशासन के भारत पर टैरिफ लगाने के निर्णय के बाद ब्रिक्स देशों के बीच नई एकजुटता की राजनीति उभर रही है। इसका उद्देश्य केवल आर्थिक हितों की रक्षा नहीं, बल्कि वैश्विक मंच पर अपनी सामूहिक शक्ति को बढ़ाना भी है।
ब्रिक्स देशों की संयुक्त प्रतिक्रिया
ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन, और दक्षिण अफ्रीका) के सदस्य देशों ने अमेरिका के एकतरफा टैरिफ निर्णय का विरोध किया है। इन देशों का मानना है कि बहुपक्षीय व्यापार नियमों का सम्मान किया जाना चाहिए और एकजुट होकर वे इस तरह के कदमों का मुकाबला कर सकते हैं।
नई राजनीतिक साझेदारी के पहलू
टैरिफ विवाद के बाद, ब्रिक्स देशों ने अपनी अंतर-मध्यस्थता और सहयोग को बढ़ावा देना शुरू किया है। इसके तहत वे निम्नलिखित कदम उठा रहे हैं:
- व्यापार प्रतिबंधों के खिलाफ सामूहिक रणनीति बनाना।
- आपसी व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए नए समझौते।
- वैश्विक वित्तीय संस्थानों में अधिक प्रतिनिधित्व की मांग।
- सांस्कृतिक और तकनीकी सहयोग को मजबूत करना।
भारत का महत्त्वपूर्ण रोल
भारत इस गठबंधन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है क्योंकि यह न केवल अमेरिकी टैरिफ के प्रभाव में है, बल्कि दक्षिण एशिया का एक बड़ा बाजार भी है। भारत की विदेश नीति में अधिक सक्रियता और बहुपक्षवाद को बढ़ावा देना इस नई राजनीति के केंद्र में है।
निष्कर्ष
अमेरिका के टैरिफ कदम के बाद ब्रिक्स देशों की एकजुटता वैश्विक राजनीतिक परिदृश्य में नई गहराई ला रही है। यह एक संकेत है कि उभरती आर्थिक शक्तियाँ मिलकर नए विश्व क्रम को आकार देने की प्रक्रिया में हैं।
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