नई दिल्ली में हाल ही में संसद ने कार्गो समुद्री बिल (Carriage of Goods by Sea Bill) पारित किया है। इस बिल का उद्देश्य 1925 में लागू हुए पुराने भारतीय कार्गो समुद्री अधिनियम को बदलना है, जो स्वतंत्रता से पहले का कानून था।
बिल का महत्व और उद्देश्य
बंदरगाह, शिपिंग और जलमार्ग मंत्रालय के राज्यमंत्री शांतनु ठाकुर ने लोकसभा में बताया कि यह बिल समुद्री माल ढुलाई से जुड़े नियमों को आधुनिक और प्रभावी बनाता है। इसका मुख्य लक्ष्य है:
- समुद्री व्यापार नीति में सुधार
- अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार नियम बनाना
- समुद्री माल परिवहन को अधिक सुगम और पारदर्शी बनाना
बिल के प्रभाव
यह बिल पुराने अधिनियम की जगह लेगा और भारत की समुद्री अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा। उद्योग जगत और व्यापार विशेषज्ञ इसे भारत के निर्यात-आयात क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानते हैं।
संक्षेप में, कार्गो समुद्री बिल से भारत की समुद्री माल परिवहन प्रणाली में सुधार होगा, जिससे देश की समुद्री अर्थव्यवस्था को नया जीवन मिलेगा।
ज़्यादा कहानियां
जम्मू-कश्मीर के किस्तवार में 3,700 करोड़ के पावर प्रोजेक्ट से कंपनी ने मांगा आउट, राजनीतिक दखलंदाजी को बताया कारण
दिल्ली में आज रात चमकेगा चमकीला गमिनिड उल्का वर्षा का नजारा: जानिए कब और कैसे देखें
भोपाल में शिवराज चौहान के ‘मामा का घर’ बना किला, ISI की धमकी के बीच सुरक्षा कड़ी