नई दिल्ली में संयुक्त राष्ट्र के अंतरराष्ट्रीय बातचीत समिति (INC) की आगामी बैठक जिनेवा में 5 से 14 अगस्त तक होने वाली है, जिसमें प्लास्टिक पर वैश्विक संधि को अंतिम रूप देने पर महत्वपूर्ण चर्चा होगी। इस बैठक में भारत ने खासतौर पर यह जोर दिया है कि यह संधि सतत विकास के लक्ष्यों को प्रभावित नहीं करनी चाहिए।
भारत के प्रतिनिधियों ने बैठक में स्पष्ट किया है कि प्लास्टिक प्रदूषण को नियंत्रित करना अत्यंत आवश्यक है, लेकिन इस प्रक्रिया में विकासशील देशों की आर्थिक और सामाजिक आवश्यकताओं का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
भारत का मानना है कि:
- पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ
- विकासशील देशों के लिए रोजगार और आर्थिक विकास
- दोनों पहलू महत्वपूर्ण हैं।
इसलिए, प्लास्टिक पर कोई भी अंतरराष्ट्रीय संधि इन उद्देश्यों के बीच संतुलन बनाए रखनी चाहिए।
जिनेवा में होने वाली बैठक में विभिन्न देशों के प्रतिनिधि नीचे दिए गए मुद्दों पर चर्चा करेंगे:
- पर्यावरण संरक्षण के उपाय
- प्लास्टिक कचरे का नियंत्रण
- पुनर्चक्रण की रणनीतियाँ
भारत की सक्रिय भूमिका इस प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है।
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