नई दिल्ली: रूस ने पश्चिमी देशों पर भारत के खिलाफ धमकियां और प्रतिबंध लगाकर उसकी संबंधों को कमजोर करने का आरोप लगाया है। रूस का कहना है कि भारत और मॉस्को के बीच मजबूत दोस्ताना संबंधों को लेकर अमेरिका ने विश्वासघात किया है। इसके चलते, रूस ने अमेरिका को एक अस्थिर और अविश्वसनीय भागीदार बताया है।
रूस ने स्पष्ट किया कि पश्चिमी दबाव और प्रतिबंध भारत की स्वतंत्र विदेश नीति पर आघात हैं और इससे भारत की सुरक्षा व विकास पर प्रभाव पड़ सकता है। रूस ने यह भी कहा कि भारत के साथ उसके संबंध गहरे और स्थिर हैं, और वह इस संबंध को और मजबूत बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत विभिन्न देशों के साथ रणनीतिक साझेदारी बना रहा है, लेकिन रूस ने अमेरिका और पश्चिमी देशों के रवैये पर कड़ी आपत्ति जताई है।
रूस के इस बयान से भारत के विदेश नीति की स्वतंत्रता और उसके वैश्विक सम्बन्धों की दिशा पर भी चर्चाएँ तेज हो गई हैं। भारत की विदेश नीति में संतुलन बनाए रखना अब और भी महत्वपूर्ण हो गया है।
मुख्य बिंदु:
- रूस ने पश्चिमी देशों पर भारत के खिलाफ प्रतिबंध लगाने का आरोप लगाया।
- अमेरिका को रूस ने बताया अस्थिर और अविश्वसनीय भागीदार।
- भारत और रूस के संबंध मजबूत और स्थिर हैं।
- भारत की स्वतंत्र विदेश नीति पर बाहरी दबावों से खतरा।
- भारत की वैश्विक रणनीति और साझेदारी पर चर्चा तेज।
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