नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बदलाव के तहत, विमानन नियामक प्राधिकरण DGCA ने 12वीं की आर्ट्स और कॉमर्स स्ट्रीम के छात्रों को वाणिज्यिक पायलट लाइसेंस हासिल करने की सिफारिश की है। यह कदम विमानन नियमों में तीन दशकों से अधिक पुराने नियम में बदलाव करेगा, जहाँ पहले केवल विज्ञान स्ट्रीम के छात्र ही पायलट बनने के पात्र थे।
इस सिफारिश का मुख्य उद्देश्य विमानन उद्योग में प्रतिभा और विविधता को बढ़ावा देना है। DGCA ने इस प्रस्ताव को अभी केंद्र सरकार के मंत्रालय को अंतिम मंजूरी के लिए भेजा है। मंत्रालय से मंजूरी मिलने पर यह बदलाव भारत में पायलट बनने की प्रक्रिया को और अधिक सरल और समावेशी बनाएगा, विशेष रूप से उन छात्रों के लिए जो आर्ट्स या कॉमर्स से 12वीं पूरी करते हैं।
सिफारिश के प्रमुख लाभ
- विमानन क्षेत्र में नयी प्रतिभाओं का विकास
- पायलट की कमी को कम करने में सहायता
- पायलट बनने की प्रक्रिया को आसान और सुलभ बनाना
- शिक्षा के विभिन्न क्षेत्र से छात्रों को अवसर प्रदान करना
हाल ही में, DGCA ने इस प्रस्ताव को विमानन अधिकारियों के बीच व्यापक चर्चा के बाद पेश किया है, जिसमें विभिन्न हितधारकों की राय भी शामिल की गई है। मंत्रालय की मंजूरी मिलने के बाद जल्द ही नये नियम लागू हो सकते हैं।
इस प्रकार, यह पहल भारतीय विमानन उद्योग के लिए एक सकारात्मक और सुधारात्मक कदम के रूप में देखी जा रही है।
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