नई दिल्ली में 25 अप्रैल 2024 को संसद के मॉनसून सत्र में केंद्र सरकार ने नया डेटा सुरक्षा विधेयक प्रस्तुत किया, जिसका उद्देश्य भारतीय नागरिकों के व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा को मजबूत बनाना है। यह विधेयक डिजिटल युग में निजता के अधिकार को सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
घटना क्या है?
यह नया डेटा सुरक्षा विधेयक निजी और सार्वजनिक क्षेत्र में डेटा संकलन, उपयोग और प्रसंस्करण की पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में कदम है। विधेयक में डेटा कोष (Data Fiduciary) की जिम्मेदारियां स्पष्ट की गई हैं और गलत उपयोग पर कड़े दंड का प्रावधान भी है। संसद में विधेयक पर बुधवार को चर्चा हुई और इसे आगामी दिनों में मतदान के लिए रखा जाएगा।
कौन-कौन जुड़े?
इस विधेयक को सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने तैयार किया है। इसमें निम्नलिखित हितधारक शामिल हैं:
- नागरिक
- तकनीकी विशेषज्ञ
- कॉर्पोरेट सेक्टर
- डेटा सुरक्षा विशेषज्ञ
- केंद्रीय सूचना आयोग
विपक्ष ने कुछ प्रावधानों पर चिंता भी व्यक्त की है जो निजता के अधिकार की रक्षा के लिए आवश्यक हैं।
आधिकारिक बयान/दस्तावेज़
सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि “यह विधेयक आधुनिक तकनीकी चुनौतियों के अनुरूप है और भारतीय नागरिकों के डाटा अधिकारों की रक्षा करता है।” सरकार ने बताया कि विधेयक में उल्लिखित दंड और निगरानी तंत्र डेटा संरक्षण को सुदृढ़ बनाएंगे। संसद के मॉनसून सत्र के आधिकारिक रिकॉर्ड में विधेयक की विस्तृत व्याख्या दर्ज है।
पुष्टि-शुदा आँकड़े
- भारत में 70 करोड़ से अधिक डिजिटल उपयोगकर्ता हैं।
- पिछले दो वर्षों में डेटा उल्लंघनों की घटनाओं में 30% की वृद्धि हुई है।
- नया विधेयक सुरक्षा बढ़ाने का प्रयास है।
तत्काल प्रभाव
विधेयक पारित होने के बाद कंपनियों को अपनी डेटा नीति में बदलाव करना होगा तथा नागरिकों के व्यक्तिगत डेटा के लिए अधिक पारदर्शिता देनी होगी। इससे निम्नलिखित लाभ होंगे:
- डिजिटल लेनदेन में सुरक्षा बढ़ना
- ऑनलाइन सेवाओं में उपभोक्ता विश्वास में वृद्धि
- डेटा सुरक्षा को लेकर बाजारों में सकारात्मक रुख
प्रतिक्रियाएँ
- सरकार: विधेयक को डिजिटल इंडिया की सफलता के लिए आवश्यक बताया।
- विपक्ष: खामियों को दूर किए बिना विधेयक सही नहीं है।
- डेटा सुरक्षा विशेषज्ञ: सकारात्मक कदम लेकिन कार्यान्वयन में चुनौतियां।
- उद्योग जगत: स्वागत, उपभोक्ता विश्वास बढ़ेगा।
- जनता: डेटा सुरक्षा को लेकर अपेक्षाएं बढ़ी हैं।
आगे क्या?
सरकार ने घोषणा की है कि विधेयक पर आगामी सप्ताह में लोकसभा में मतदान होगा। इसके बाद राज्यसभा में भी चर्चा एवं पारित किया जाएगा। इसके पश्चात् तकनीकी दिशानिर्देश और निगरानी संस्थान के गठन पर काम शुरू होगा। साथ ही, नागरिकों के लिए प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे।
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