नई दिल्ली में हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने पर्यावरण संरक्षण के महत्व को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण आदेश जारी किए। यह कदम भारत के पर्यावरणीय सुधारों में एक अहम पड़ाव माना जा रहा है।
घटना क्या है?
सुप्रीम कोर्ट ने 26 अप्रैल 2024 को सुनवाई के बाद सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पर्यावरणीय प्रदूषण को नियंत्रित करने के व्यापक उपाय करने के निर्देश दिए। न्यायालय ने वायु और जल प्रदूषण को कम करने के लिए विशेष निगरानी प्रणाली स्थापित करने को कहा है।
कौन-कौन जुड़े?
इस कार्यवाही में निम्नलिखित प्रमुख पक्ष शामिल हैं:
- पर्यावरण मंत्रालय
- विभिन्न राज्य सरकारें
- स्थानीय प्रशासन
- संबंधित उद्योग निकाय
- राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण
- समीक्षा समितियां
सुप्रीम कोर्ट ने पर्यावरणीय संरक्षण के लिए राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण और समीक्षा समितियों की भूमिका सुनिश्चित की है।
आधिकारिक बयान और आदेश
- पर्यावरण मंत्रालय ने एक आधिकारिक प्रेस रिलीज़ में कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का शीघ्र पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
- कोर्ट के आदेश में प्रदूषण नियंत्रण के लिए कड़े मानक निर्धारित किए गए हैं।
- समय-समय पर प्रगति की रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है।
पुष्टि-शुदा आँकड़े
- भारत में वायु प्रदूषण के कारण होने वाली बीमारियाँ 17 प्रतिशत बढ़ी हैं।
- जल प्रदूषण के चलते 14 प्रतिशत बढ़त देखी गई है।
- सुप्रीम कोर्ट ने अगले पांच वर्षों में प्रदूषण में कम से कम 25 प्रतिशत की कमी लाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
तत्काल प्रभाव
- राज्य सरकारों ने प्रदूषण नियंत्रण उपायों को बढ़ावा दिया है।
- बड़े उद्योगों पर सख्त निगरानी और जुर्माने बढ़ाए गए हैं।
- आम नागरिकों को स्वच्छ पर्यावरण के लिए जागरूक किया जा रहा है।
- आर्थिक स्तर पर प्रदूषण नियंत्रण से स्वास्थ्य व्यय में कमी आने की उम्मीद है।
प्रतिक्रियाएँ
- सरकार ने कोर्ट के निर्देशों का स्वागत किया है और इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
- विपक्ष ने कहा कि आदेश की सही समय पर और प्रभावी कार्यान्वयन जरूरी है।
- पर्यावरण विशेषज्ञों ने इसे कद्दावर फैसला कहा है।
- उद्योग संघों ने बताया कि वे नई तकनीकों और मानकों के अनुरूप स्वयं को ढालने के लिए तैयार हैं।
आगे क्या?
- सुप्रीम कोर्ट ने अगले छह माह में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए सभी संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए हैं।
- सरकार ने योजना बनाना शुरू कर दिया है कि किस प्रकार प्रदूषण नियंत्रण उपायों की समयबद्ध कार्यवाही हो।
- राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय पर्यावरण सुधार समितियां नियमित बैठकें करेंगी।
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