January 15, 2026

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मनाया अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती, राजनीति और जनता में यादें ताजा

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25 दिसंबर 2023 को पूरे भारत में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती अत्यंत श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। यह दिन केवल एक राजनीतिक नेता का जन्मदिन नहीं है, बल्कि उनके विचारों, उपलब्धियों और जनता के प्रति उनके समर्पण का उत्सव भी है। इस अवसर पर केंद्र सरकार, विभिन्न राजनीतिक दल, सामाजिक संगठन और आम जनता ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

घटना की रूपरेखा

दिन की शुरुआत दिल्ली के लाल किले से हुई, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने कहा कि अटल जी ने देश की राजनीति को नई दिशा दी और सद्भावना को हमेशा प्राथमिकता दी। इसके अलावा, विभिन्न राज्यों में सांस्कृतिक, शिक्षात्मक और सामाजिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।

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प्रमुख सहभागी

  • प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO)
  • बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष
  • विभिन्न राजनेता
  • सामाजिक संगठन जैसे ‘अटल मिशन फॉर रीजन एंड टेक्नोलॉजी’
  • देश भर के नागरिक

केंद्र सरकार ने इस दिन को राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए। लोकसभा और राज्यसभा के सदस्यों ने भी अटल जी को श्रद्धांजलि दी।

आधिकारिक बयान एवं पहल

प्रधानमंत्री कार्यालय ने प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि सरकार अटल बिहारी वाजपेयी के आदर्शों को युवा वर्ग तक पहुंचाने के लिए नई पहल करेगी। इसके लिए शिक्षा, पर्यावरण और आर्थिक क्षेत्रों में उनके प्रेरणादायक कार्यों की जानकारी दी जाएगी। संसद में विभिन्न पार्टियों ने भी उनके योगदान का सम्मान किया।

आर्थिक और प्रदर्शन आंकड़े

  • जयंती मनाने के लिए सरकार द्वारा 100 करोड़ रुपये का बजट आवंटित
  • ‘अटल मिशन फॉर रीजन एंड टेक्नोलॉजी’ के तहत पिछले तीन वर्षों में 250 से अधिक प्रोजेक्ट पूरे
  • इन प्रोजेक्ट्स से 50 लाख से अधिक लोगों को लाभ

तत्काल प्रभाव और सामाजिक प्रतिक्रिया

इस मौके ने देश में एकता और राजनीति की सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा दिया। मीडिया कवरेज से आम जनता के बीच अटल जी के चरित्र और कृतित्व की जागरूकता बढ़ी है। विभिन्न शिक्षण संस्थानों ने भी इस दिन को विशेष पाठ्यक्रम और व्याख्यान के माध्यम से मनाया है, जिससे विद्यार्थियों में उनकी जीवनी के प्रति रुचि बढ़ी।

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प्रतिक्रियाएँ

  • सरकार ने कार्यक्रम की सफलता की प्रशंसा की और इसे राष्ट्रीय एकता बढ़ाने वाला कदम बताया।
  • विपक्षी दलों ने भी अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को सराहा।
  • विशेषज्ञों ने इसे युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्पद बताया।
  • जनता में इस दिन को लेकर भारी उत्साह देखा गया।

भविष्य की योजनाएँ

सरकार ने घोषणा की है:

  1. आगामी महीनों में अटल बिहारी वाजपेयी पर एक डॉक्यूमेंट्री और संग्रहालय खोलना।
  2. शिक्षा मंत्रालय उनके भाषण और नीति निर्माण की प्रक्रिया को नए शैक्षिक मॉड्यूल में शामिल करेगा।
  3. अगले लोकसभा सत्र में इस विषय पर विशेष चर्चा आयोजित की जाएगी।

देशवासियों से आग्रह है कि वे ताज़ा अपडेट्स के लिए Questiqa Bharat पढ़ते रहें।

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