नई दिल्ली: 1971 के बाद पहली बार, भारत ने आतंकवादी हमलों के जवाब में सीधे अंतरराष्ट्रीय सीमा पार जाने वाली कार्रवाई की है। इस महत्वपूर्ण ऑपरेशन का नाम ऑपरेशन सिंदूर है, जिसने भारत की पाकिस्तान के प्रति रणनीति में एक नई दिशा की शुरुआत की है।
इस ऑपरेशन के दौरान भारत ने यह दर्शाया है कि वह आतंकवाद के खिलाफ कड़ा कदम उठाने को पूरी तरह से तैयार है। ऑपरेशन सिंदूर ने भारतीय सेना की तत्परता और निर्णयात्मकता को भी उजागर किया है।
ऑपरेशन सिंदूर की प्रमुख विशेषताएं
- 1971 के बाद पहली बार भारत द्वारा सीमा पार सीधे जवाबी कार्रवाई।
- नई पाकिस्तान नीति में निर्णायक और त्वरित कार्रवाई को प्राथमिकता।
- भारतीय सेना की क्षमता और दक्षता का प्रदर्शन।
- आतंकवाद के खिलाफ एक सशक्त संदेश।
रणनीतिक प्रभाव
सैन्य विशेषज्ञों के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर न केवल भारत की सुरक्षा को मजबूत करेगा, बल्कि यह क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह कदम पाकिस्तान पर दबाव बढ़ाने में सहायक होगा और आतंकवाद के विरुद्ध भारत की भावना को स्पष्ट रूप से दर्शाएगा।
- भारत की नई नीति के तहत सीधी और निर्णायक कार्रवाई पर जोर।
- सुरक्षा स्थिति में सुधार और आतंकवादी गतिविधियों पर नियंत्रण।
- क्षेत्रीय स्थिरता तथा आतंक विरोधी अभियानों की मजबूती।
आगे आने वाले दिनों में, इस नीति और ऑपरेशन के प्रभावों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। भारत की नयी रणनीति निश्चित रूप से क्षेत्रीय सुरक्षा पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालेगी।
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