नई दिल्ली। भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर जनवरी में हस्ताक्षर किए जाने की घोषणा की गई है। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष अर्सुला वॉन डेर लेयेन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ इस महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर करने की पुष्टि की है। यह समझौता दोनों पक्षों के बीच व्यापार सहयोग बढ़ाने और आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
यह FTA दोनों बाजारों के बीच टैरिफ कम करने, निवेश बढ़ाने और व्यापार बाधाओं को घटाने में मदद करेगा। इससे भारत और यूरोप दोनों को व्यापार, उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में लाभ मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता भारत की वैश्विक आर्थिक रणनीति को और मजबूती देगा।
समझौते की मुख्य विशेषताएँ
- टैरिफ में कटौती: दोनों बाजारों के बीच कस्टम शुल्क को कम किया जाएगा।
- निवेश प्रवाह बढ़ाना: विभिन्न क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहित किया जाएगा।
- व्यापार बाधाओं का कमी: कागजी कार्रवाई और अन्य गैर-शुल्क बाधाओं को कम किया जाएगा।
- आर्थिक सहयोग: दोनों पक्षों के बीच दीर्घकालिक व्यापारिक साझेदारी को सुदृढ़ करना।
आगे की प्रक्रिया
- उच्च प्रतिनिधि अधिकारियों द्वारा समझौते की अंतिम समीक्षा।
- जनवरी में दोनों नेताओं के बीच हस्ताक्षर की रस्म।
- समझौते के लागू होने से व्यापार गतिशीलता में सुधार।
- दोनों क्षेत्रों के बीच मजबूत आर्थिक साझा लक्ष्यों की स्थापना।
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