December 5, 2025

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RBI ने रेपो दर में स्थिरता बनाए रखी, नीति दृष्टिकोण को ‘न्यूट्रल’ किया

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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी मौद्रिक नीति समिति (MPC) की हाल ही की बैठक में रेपो दर को 5.5 प्रतिशत पर स्थिर रखते हुए मौद्रिक नीति के रुख को ‘अकॉमोडेटिव’ से ‘न्यूट्रल’ किया है। यह निर्णय 4 से 6 जून के बीच हुई पिछली बैठक में 50 बेसिस पॉइंट्स की कटौती के बाद आया है, जिसमें कैश रिजर्व रेशियो (CRR) को भी 1 प्रतिशत घटाकर 3 प्रतिशत कर दिया गया था।

घटना क्या है?

MPC ने अपनी समीक्षा बैठक में रेपो दर को यथावत 5.5 प्रतिशत पर बनाए रखा। पिछले चरण में यह दर 50 बेसिस पॉइंट्स कम की गई थी। नीति का रुख ‘अकॉमोडेटिव’ से ‘न्यूट्रल’ में बदला गया, जो आर्थिक स्थिति के अनुसार नीति समायोजन का स्पष्ट संकेत है।

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कौन-कौन जुड़े?

  • RBI के गवर्नर और मौद्रिक नीति समिति के सदस्य
  • भारतीय वित्त मंत्रालय
  • बैंकिंग क्षेत्र के प्रमुख अधिकारी
  • बाजार विश्लेषक, वित्तीय संस्थान और उद्योग विशेषज्ञ

आधिकारिक बयान/दस्तावेज़

RBI की प्रेस रिलीज़ में कहा गया कि MPC ने आर्थिक विकास और मुद्रास्फीति के संतुलन को ध्यान में रखते हुए नीति रुख को ‘न्यूट्रल’ किया है। यह निर्णय महंगाई दर और वैश्विक आर्थिक हालात के विश्लेषण पर आधारित है।

पुष्टि-शुदा आँकड़े

  1. 4 से 6 जून के बीच रेपो दर में 50 बेसिस पॉइंट्स की कटौती
  2. रेपो दर 5.5 प्रतिशत पर स्थिर
  3. कैश रिजर्व रेशियो 4 प्रतिशत से घटाकर 3 प्रतिशत किया गया
  4. यह इस वर्ष की तीसरी लगातार कटौती थी

तत्काल प्रभाव

यह निर्णय बैंकों द्वारा कर्ज की लागत और उपभोक्ताओं तथा व्यवसायों की उधारी क्षमता को प्रभावित करता है। मौद्रिक नीति का ‘न्यूट्रल’ रुख यह दर्शाता है कि RBI आर्थिक प्रोत्साहन को नियंत्रित करते हुए मुद्रास्फीति पर नियंत्रण बनाना चाहता है, जो वित्तीय बाजारों में स्थिरता बनाए रखने में मदद करेगा।

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प्रतिक्रियाएँ

  • सरकार ने इसे आर्थिक स्थिरता बनाए रखने वाला उचित कदम बताया है।
  • विपक्ष और कुछ आर्थिक विश्लेषक आवश्यक सुधारों की मांग कर रहे हैं।
  • उद्योग जगत में मिश्रित प्रतिक्रिया; कुछ ने इसे सकारात्मक विकास माना तो कुछ ने आर्थिक मंदी की आशंका जताई।
  • वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम मौजूदा आर्थिक परिस्थिति के अनुरूप है।

अगले कदम

अगली MPC बैठक और नीति में संभावित बदलावों पर नजर रखी जाएगी। RBI ने संकेत दिया है कि वह आर्थिक संकेतकों के आधार पर अपने निर्णय लेकर आर्थिक संतुलन बनाए रखने का प्रयास जारी रखेगा।

अधिक ताज़ा अपडेट्स के लिए Questiqa Bharat के साथ जुड़े रहें।

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